耀慧法师阅藏小结之4
我是一个“数据控”,所有的总结基本上都是数字说话,编辑、整理,机械操作。
今天,我在电脑前面已经坐了很久,不知道从何说起。翻过去一年的几千张照片。恍惚如昨日,而昨日心不可得。期待自己所期待的明天,而明日心也不可得。当下,当下心在何处
去年的今天,2019年12月29日,耀慧法师来到北京贤普堂,开始指导跨年禅修。
链接如下:
贤普堂跨年禅文化学习周
在这个“七”之中,2020年1月4日,慧师父开始学写格律诗词。师父的39首作品见于贤普堂编印的《己亥杂诗》。庚子年,师父没有再写。我们要编印《庚子》诗集了,希望师父参加,哪怕只有一首。
链接如下:
耀慧法师己亥岁末诗词
接下来,1月9日——16日,贤普堂与西安歇心堂同步禅修。
链接如下:
北京贤普堂与西安歇心堂同步禅修
之前的三个链接:
耀慧法师闭门“小阅藏”
耀慧法师“小阅藏”圆满,开启大阅藏
耀慧法师在贤普堂阅藏情况汇报
从1月22日,到9月13日,236天,慧师父阅读《大正藏》3885卷。师父是1985年生人,我笑称这个数字正好1900岁了。
为了把师父“扣”在北京,春节之后一段时间内不能前往武汉,太大的代价。如今只有泪目。
9月12日(七月二十五),慧师父离开贤普堂,离开北京,前往武汉指导月湖精舍的百日禅修。
慧师父说,阅藏要有很大的福报,他恐怕很难再续前缘了。
我说,师父只要每天坚持至少读一卷,哪怕每天只读一卷。接续着,总有一天会圆满的。
12月28日,慧师父离京108天,距离去年岁末来贤普堂也恰好满一年。
之前一天,12月27日,十一月十三,窥基大师的寂日,也是28年之前我姥姥离开我们的日子。在这一天,慧师父圆满4000卷,昨天是4001卷。
无论在哪里,每天哪怕只读一卷,一定会圆满的。
去年今天,慧师父第一次来贤普堂。今年今天,十一月十五,慧师父在武汉主法放生。愿众生究竟安乐、解脱。
曾经想,分类整理慧师父在北京的行迹。这是我“数据控”的思维模式。
而今,忘却来时路。
无所待。
耀慧法师阅藏统计表
天数 | 日期 | 当日所阅卷数 | 合计 | 备注 |
1 | 2020年1月22日 | 5 | 5 | 开始《华严经》 |
2 | 1.23 | 15 | 20 | |
3 | 1.24 | 12 | 32 | |
4 | 1.25 | 19 | 51 | |
5 | 1.26 | 20 | 71 | |
6 | 1.27 | 10+9 | 81+9 | 开始《大般若经》 |
7 | 1.28 | 36 | 126 | |
8 | 1.29 | 36 | 162 | |
9 | 1.30 | 37 | 199 | |
10 | 1.31 | 16 | 215 | |
11 | 2.1 | 2 | 217 | 《大般若经》卷135、136 |
12 | 2.2 | 2 | 219 | |
13 | 2.3 | 2 | 221 | |
14 | 2.4 | 2 | 223 | |
15 | 2.5 | 2 | 225 | |
16 | 2.6 | 2 | 227 | |
17 | 2.7 | 2 | 229 | |
18 | 2.8 | 2 | 231 | |
19 | 2.9 | 3 | 234 | |
20 | 2.10 | 3 | 237 | |
21 | 2.11 | 3 | 240 | |
22 | 2.12 | 3 | 243 | 《大般若经》卷160、161、162 |
23 | 2.13 | 3 | 246 | |
24 | 2.14 | 3 | 249 | |
25 | 2.15 | 3 | 252 | |
26 | 2.16 | 3 | 255 | |
27 | 2.17 | 3 | 258 | |
28 | 2.18 | 2 | 260 | |
29 | 2.19 | 5 | 265 | |
30 | 2.20 | 5 | 270 | |
31 | 2.21 | 5 | 275 | |
32 | 2.22 | 5 | 280 | |
33 | 2.23 | 5 | 285 | |
34 | 2.24 | 5 | 290 | |
35 | 2.25 | 5 | 295 | |
36 | 2.26 | 5 | 300 | |
37 | 2.27 | 5 | 305 | |
38 | 2.28 | 5 | 310 | |
39 | 2.29 | 6 | 316 | |
40 | 3.1 | 5 | 321 | 《大般若经》卷236—240 |
41 | 3.2 | 5 | 326 | |
42 | 3.3 | 5 | 331 | |
43 | 3.4 | 5 | 336 | |
44 | 3.5 | 5 | 341 | |
45 | 3.6 | 5 | 346 | |
46 | 3.7 | 5 | 351 | |
47 | 3.8 | 5 | 356 | |
48 | 3.9 | 5 | 361 | |
49 | 3.10 | 5 | 366 | |
50 | 3.11 | 5 | 371 | |
51 | 3.12 | 5 | 376 | |
52 | 3.13 | 13 | 389 | 《大般若经》卷301—313 |
53 | 3.14 | 7 | 396 | |
54 | 3.15 | 5 | 401 | |
55 | 3.16 | 5 | 406 | |
56 | 3.17 | 6 | 412 | |
57 | 3.18 | 6 | 418 | |
58 | 3.19 | 8 | 426 | |
59 | 3.20 | 7 | 433 | |
60 | 3.21 | 3 | 436 | |
61 | 3.22 | 9 | 445 | |
62 | 3.23 | 6 | 451 | |
63 | 3.24 | 5 | 456 | |
64 | 3.25 | 5 | 461 | |
65 | 3.26 | 5 | 466 | |
66 | 3.27 | 5 | 471 | |
67 | 3.28 | 5 | 476 | |
68 | 3.29 | 5 | 481 | |
69 | 3.30 | 5 | 486 | |
70 | 3.31 | 5 | 491 | |
71 | 4.1 | 7 | 498 | |
72 | 4.2 | 7 | 505 | |
73 | 4.3 | 1 | 506 | |
74 | 4.4 | 5 | 511 | |
75 | 4.5 | 5 | 516 | |
76 | 4.6 | 5 | 521 | |
77 | 4.7 | 6 | 527 | |
78 | 4.8 | 5 | 532 | |
79 | 4.9 | 6 | 538 | |
80 | 4.10 | 5 | 543 | |
81 | 4.11 | 29 | 572 | |
82 | 4.12 | 23 | 595 | |
83 | 4.13 | 25 | 620 | |
84 | 4.14 | 26 | 646 | |
85 | 4.15 | 25 | 671 | |
86 | 4.16 | 10+8 | 681+8 | 《大般若经》圆满,开始《大宝积经》 |
87 | 4.17 | 20 | 709 | |
88 | 4.18 | 18 | 727 | |
89 | 4.19 | 25 | 752 | |
90 | 4.20 | 28 | 780 | |
91 | 4.21 | 21 | 801 | 《大宝积经》圆满 |
92 | 4.22 | 7 | 808 | 开始《大般涅槃经》 |
93 | 4.23 | 13 | 821 | |
94 | 4.24 | 11 | 832 | |
95 | 4.25 | 9 | 841 | |
96 | 4.26 | 2+3 | 843+3 | 《大般涅槃经》圆满,开始大阅藏 |
97 | 4.27 | 10 | 856 | |
98 | 4.28 | 16 | 872 | |
99 | 4.29 | 16 | 888 | |
100 | 4.30 | 23 | 911 | |
101 | 5.1 | 38 | 949 | |
102 | 5.2 | 24 | 973 | |
103 | 5.3 | 35 | 1008 | |
104 | 5.4 | 26 | 1034 | |
105 | 5.5 | 25 | 1059 | |
106 | 5.6 | 29 | 1088 | |
107 | 5.7 | 17 | 1105 | |
108 | 5.8 | 26 | 1131 | |
109 | 5.9 | 14 | 1145 | |
110 | 5.10 | 30 | 1175 | |
111 | 5.11 | 22 | 1197 | |
112 | 5.12 | 18 | 1215 | |
113 | 5.13 | 18 | 1233 | |
114 | 5.14 | 21 | 1254 | |
115 | 5.15 | 32 | 1286 | |
116 | 5.16 | 24 | 1310 | |
117 | 5.17 | 36 | 1346 | |
118 | 5.18 | 16 | 1362 | |
119 | 5.19 | 17 | 1379 | |
120 | 5.20 | 23 | 1402 | |
121 | 5.21 | 19 | 1421 | |
122 | 5.22 | 18 | 1439 | |
123 | 5.23 | 13 | 1452 | |
124 | 5.24 | 25 | 1477 | |
125 | 5.25 | 24 | 1501 | |
126 | 5.26 | 26 | 1527 | |
127 | 5.27 | 23 | 1550 | |
128 | 5.28 | 19 | 1569 | |
129 | 5.29 | 21 | 1590 | |
130 | 5.30 | 25 | 1615 | |
131 | 5.31 | 29 | 1644 | |
132 | 6.1 | 1 | 1645 | |
133 | 6.2 | 25 | 1670 | |
134 | 6.3 | 21 | 1691 | |
135 | 6.4 | 24 | 1715 | |
136 | 6.5 | 16 | 1731 | |
137 | 6.6 | 29 | 1760 | |
138 | 6.7 | 11 | 1771 | |
139 | 6.8 | 28 | 1799 | |
140 | 6.9 | 21 | 1820 | |
141 | 6.10 | 24 | 1844 | |
142 | 6.11 | 27 | 1871 | |
143 | 6.12 | 26 | 1897 | |
144 | 6.13 | 27 | 1924 | |
145 | 6.14 | 31 | 1955 | |
146 | 6.15 | 30 | 1985 | |
147 | 6.16 | 36 | ||
148 | 6.17 | 27 | 2048 | |
149 | 6.18 | 26 | 2074 | |
150 | 6.19 | 31 | 2105 | |
151 | 6.20 | 27 | 2132 | |
152 | 6.21 | 27 | 2159 | |
153 | 6.22 | 52 | 2211 | |
154 | 6.23 | 67 | 2278 | |
155 | 6.24 | 28 | 2306 | |
156 | 6.25 | 1 | 2307 | |
157 | 6.26 | 1 | 2308 | |
158 | 6.27 | 1 | 2309 | |
159 | 6.28 | 27 | 2336 | |
160 | 6.29 | 26 | 2362 | |
161 | 6.30 | 39 | 2401 | |
162 | 7.1 | 31 | 2432 | |
163 | 7.2 | 24 | 2456 | |
164 | 7.3 | 18 | 2474 | |
165 | 7.4 | 29 | 2503 | |
166 | 7.5 | 28 | 2531 | |
167 | 7.6 | 17 | 2548 | |
168 | 7.7 | 27 | 2575 | |
169 | 7.8 | 20 | 2595 | |
170 | 7.9 | 29 | 2624 | |
171 | 7.10 | 26 | 2650 | |
172 | 7.11 | 26 | 2676 | |
173 | 7.12 | 35 | 2711 | |
174 | 7.13 | 31 | 2742 | |
175 | 7.14 | 11 | 2753 | |
176 | 7.15 | 39 | 2792 | |
177 | 7.16 | 44 | 2836 | |
178 | 7.17 | 32 | 2868 | |
179 | 7.18 | 30 | 2898 | |
180 | 7.19 | 29 | 2927 | |
181 | 7.20 | 28 | 2955 | |
182 | 7.21 | 28 | 2983 | |
183 | 7.22 | 20 | 3003 | |
184 | 7.23 | 1 | ||
185 | 7.24 | 39 | ||
186 | 7.25 | 29 | ||
187 | 7.26 | 12 | ||
188 | 7.27 | 1 | ||
189 | 7.28 | 1 | ||
190 | 7.29 | 1 | ||
191 | 7.30 | 17 | ||
192 | 7.31 | 22 | 3126 | |
193 | 8.1 | 45 | ||
194 | 8.2 | 20 | ||
195 | 8.3 | 8 | ||
196 | 8.4 | 27 | ||
197 | 8.5 | 43 | ||
198 | 8.6 | 19 | ||
199 | 8.7 | 15 | ||
200 | 8.8 | 12 | ||
201 | 8.9 | 13 | ||
202 | 8.10 | 20 | ||
203 | 8.11 | 13 | ||
204 | 8.12 | 16 | ||
205 | 8.13 | 18 | ||
206 | 8.14 | 18 | ||
207 | 8.15 | 19 | ||
208 | 8.16 | 20 | ||
209 | 8.17 | 18 | ||
210 | 8.18 | 25 | 3495 | |
211 | 8.19 | 30 | ||
212 | 8.20 | 27 | ||
213 | 8.21 | 30 | ||
214 | 8.22 | 30 | ||
215 | 8.23 | 29 | ||
216 | 8.24 | 20 | ||
217 | 8.25 | 27 | ||
218 | 8.26 | 22 | ||
219 | 8.27 | 26 | 3736 | |
220 | 8.28 | 10 | 3746 | 开始论藏 |
221 | 8.29 | 14 | 3760 | |
222 | 8.30 | 10 | 3770 | |
223 | 8.31 | 2 | 3772 | |
224 | 9.1 | 10 | 3782 | |
225 | 9.2 | 3 | 3785 | |
226 | 9.3 | 15 | 3800 | |
227 | 9.4 | 15 | 3815 | |
228 | 9.5 | 6 | 3821 | |
229 | 9.6 | 3 | 3824 | |
230 | 9.7 | 12 | 3836 | 100卷大智度论圆满 |
231 | 9.8 | 1 | 3837 | |
232 | 9.9 | 9 | 3846 | |
233 | 9.10 | 8 | 3854 | |
234 | 9.11 | 23 | 3877 | |
235 | 9.12 | 7 | 3884 | |
236 | 9.13 | 1 | 3885 | |
237 | 9.14 | 1 | ||
238 | 9.15 | 1 | ||
239 | 9.16 | 1 | ||
240 | 9.17 | 2 | 3890 | |
241 | 9.18 | 1 | ||
242 | 9.19 | 2 | ||
243 | 9.20 | 1 | ||
244 | 9.21 | 1 | ||
245 | 9.22 | 2 | ||
246 | 9.23 | 1 | ||
247 | 9.24 | 1 | ||
248 | 9.25 | 1 | 3900 | |
249 | 9.26 | 1 | ||
250 | 9.27 | 1 | ||
251 | 9.28 | 1 | ||
252 | 9.29 | 1 | ||
253 | 9.30 | 1 | 3905 | |
254 | 10.1 | 1 | ||
255 | 10.2 | 1 | ||
256 | 10.3 | 1 | ||
257 | 10.4 | 1 | ||
258 | 10.5 | 1 | ||
259 | 10.6 | 1 | ||
260 | 10.7 | 1 | ||
261 | 10.8 | 1 | ||
262 | 10.9 | 1 | ||
263 | 10.10 | 1 | ||
264 | 10.11 | 1 | ||
265 | 10.12 | 1 | ||
266 | 10.13 | 1 | ||
267 | 10.14 | 1 | ||
268 | 10.15 | 1 | ||
269 | 10.16 | 1 | ||
270 | 10.17 | 1 | ||
271 | 10.18 | 1 | ||
272 | 10.19 | 1 | ||
273 | 10.20 | 1 | ||
274 | 10.21 | 1 | ||
275 | 10.22 | 1 | ||
276 | 10.23 | 1 | ||
277 | 10.24 | 1 | ||
278 | 10.25 | 1 | ||
279 | 10.26 | 1 | ||
280 | 10.27 | 1 | ||
281 | 10.28 | 1 | ||
282 | 10.29 | 1 | ||
283 | 10.30 | 1 | ||
284 | 10.31 | 1 | 3936 | |
285 | 11.1 | 1 | ||
286 | 11.2 | 1 | ||
287 | 11.3 | 1 | 3939 | |
288 | 11.4 | 1 | 3940 | |
289 | 11.5 | 1 | ||
290 | 11.6 | 1 | 3942 | |
291 | 11.7 | 1 | ||
292 | 11.8 | 1 | ||
293 | 11.9 | 1 | ||
294 | 11.10 | 1 | ||
295 | 11.11 | 1 | ||
296 | 11.12 | 1 | ||
297 | 11.13 | 1 | ||
298 | 11.14 | 1 | ||
299 | 11.15 | 1 | ||
300 | 11.16 | 1 | ||
301 | 11.17 | 1 | ||
302 | 11.18 | 1 | ||
303 | 11.19 | 1 | ||
304 | 11.20 | 1 | ||
305 | 11.21 | 1 | ||
306 | 11.22 | 1 | ||
307 | 11.23 | 1 | ||
308 | 11.24 | 1 | ||
309 | 11.25 | 1 | ||
310 | 11.26 | 1 | ||
311 | 11.27 | 1 | ||
312 | 11.28 | 1 | ||
313 | 11.29 | 1 | 3965 | |
314 | 11.30 | 2 | ||
315 | 12.1 | 1 | ||
316 | 12.2 | 2 | 3970 | |
317 | 12.3 | 2 | 3972 | |
318 | 12.4 | 1 | 3973 | |
319 | 12.5 | 1 | ||
320 | 12.6 | 1 | ||
321 | 12.7 | 1 | ||
322 | 12.8 | 1 | ||
323 | 12.9 | 1 | 3978 | |
324 | 12.10 | 1 | ||
325 | 12.11 | 1 | ||
326 | 12.12 | 1 | ||
327 | 12.13 | 1 | ||
328 | 12.14 | 1 | ||
329 | 12.15 | 1 | ||
330 | 12.16 | 1 | 3985 | |
331 | 12.17 | 1 | 3986 | |
332 | 12.18 | 1 | ||
333 | 12.19 | 1 | ||
334 | 12.20 | 2 | 3990 | |
335 | 12.21 | 1 | ||
336 | 12.22 | 1 | 3992 | |
337 | 12.23 | 1 | ||
338 | 12.24 | 1 | ||
339 | 12.25 | 3 | ||
340 | 12.26 | 1 | ||
341 | 12.27 | 2 | 4000 | |
342 | 12.28 | 1 | ||
343 | 12.29 | |||
344 | 12.30 | |||
345 | 12.31 |
慧心居士代为计数统计,恐有疏忽,请大家核查。
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文章标题:耀慧法师阅藏小结之4发布于2022-01-18 12:21:24


